इंदौर। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय एमबीए छात्रा की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पीयूष धामनोदिया को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की लोकेशन गोवा में ट्रेस हुई थी, जहां वह मृतका का मोबाइल चालू कर उपयोग कर रहा था। घेराबंदी के बाद पुलिस ने उसे गोवा से महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेन में दबोच लिया। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल के मुताबिक, आरोपी घटना के बाद से फरार था। साइबर टीम की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर कार्रवाई की गई।
मोबाइल से भेजा चौंकाने वाला मैसेज
पुलिस के अनुसार 10 फरवरी की रात हत्या के बाद आरोपी करीब 8 बजे कमरे से निकल गया था। रात 11 बजे उसने छात्रा के मोबाइल से उसकी बहन को मैसेज भेजा – “पापा से कहना अब वह घर नहीं लौटेगी।” इसके बाद परिजनों ने सहेलियों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जांच में सामने आया कि आरोपी ने दोनों के बीच के 11 आपत्तिजनक वीडियो कॉलेज के आधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप में शेयर किए। बाद में युवती के वॉट्सऐप स्टेटस पर भी वीडियो अपलोड किए गए और मोबाइल में सेव नंबरों पर भेजे गए, जिससे रिश्तेदारों और परिचितों में हड़कंप मच गया।
कमरे के बाहर लगा था ताला
पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस अंकल गली स्थित आरोपी के कमरे पहुंची, जहां बाहर ताला लगा मिला। जांच अधिकारी गोकुल मालवीय ने मकान मालिक को निगरानी के निर्देश दिए थे। बाद में कमरे से बदबू आने की शिकायत पर पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां छात्रा का शव निर्वस्त्र हालत में मिला।
यह कमरा मंदसौर निवासी पीयूष धामनोदिया ने किराए पर लिया था। दोनों छात्र-छात्रा सांवेर रोड स्थित एक संस्थान से एमबीए द्वितीय सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे थे।
रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहता था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहता था। परिजनों के अनुसार छात्रा आरोपी के बारे में परिवार को बताने वाली थी, लेकिन उसने कहा था कि जब आरोपी का परिवार सहमत होगा तब ही सबको बताएगी। आशंका है कि इसी बात को लेकर विवाद हुआ और आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद छात्रा की छोटी बहन की तबीयत बिगड़ गई और वह कई बार बेहोश हुई। पिता ने आरोप लगाया कि बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर ब्लैकमेल किया गया और यातनाएं देकर हत्या की गई।
गुमशुदगी से हत्या तक
10 फरवरी को छात्रा घर से आधार कार्ड ठीक कराने के बहाने निकली थी। पिता ने उसे कलेक्टोरेट के पास छोड़ा था। वहां से उसने बहन को फोन कर बताया कि वह क्लासमेट पीयूष के साथ बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी और मोबाइल बंद हो गया।
कॉलेज के वॉट्सऐप ग्रुप में उसी रात एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट हुआ था। अगले दिन कॉलेज प्रबंधन ने वीडियो हटाकर परिजनों को बुलाया। बाद में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 12 फरवरी को तलाश जारी रही, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई। शुक्रवार को कमरे से बदबू आने की सूचना पर मामला खुला और शव बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
